क्या कहना

क्या कहना सुच में अपने देश के राजनीतिज्ञों के बारे में कुछ भी कह पाना बहुत मुश्किल है...यह दूसरो को कुत्ता बना रहे हैं और अपने बारे में सोचने के वक्त भी नही निकाल पा रहें हैं... केरल के मुख्यमंत्री अच्युतानंद जी से अब यह उम्मीद नही थी की वोह अपने बारे में सोच पाने का समय भी नही निकाल पाएंगे....अरे हुज़ूर मुख्यमंत्री जी क्या आप को मालूम है की अगर आप सी. एम्. नही होते तो देश की जनता आप के साथ क्या सलूक करती....

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