flipkart

sex ratio in india लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
sex ratio in india लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

...तो साक्षी का पदक सिंधु के पदक से कीमती है

भारत के लिए रियो ओलंपिक में चांदी का पदक लाने वाली पी वी सिंधु की सफलता के पीछे उनके समाज का भी योगदान माना जा सकता है। सिंधु देश के दक्षिण में बसे शहर हैदराबाद से आती हैं। देश का ये इलाका सेक्स रेशियो और चाइल्ड सेक्स रेशियो के लिहाज से देश के अन्य हिस्सों से कहीं बेहतर स्थिती में है। 2011 का सेंसस बताता है कि आंध्र प्रदेश देश में सेक्स रेशियो के क्रम में चौथे नंबर पर है। यहां प्रति 1000 पुरुषों की तुलना में 993 महिलाएं हैं। ये एक सुखद स्थिती कही जा साकती है यदि आप देश के अन्य राज्यों के हाल देखें। 
इनमें से कई राज्य तो ऐसे हैं जिन्हें हम बेहद विकसित राज्य के तौर पर मानते हैं। मसलन आप पंजाब और हरियाणा का उदाहरण ले सकते हैं। पंजाब में सेक्स रेशियो 895 है। यानि प्रति 1000 पुरुषों पर महज 895 महिलाएं ही हैं। हालांकि कन्या भ्रूण हत्या को लेकर हरियाणा की चर्चा पहले भी कई बार हो चुकी है लेकिन फिर भी ये एक बार याद किया जा सकता है कि हरियाणा में 2011 के सेंसस के मुताबिक प्रति 1000 पुरुषों पर महज 879 महिलाएं हैं। ये बात और है कि हरियाणा की एक बहादुर लड़की भी रियो ओलंपिक से एक कांस्य पदक लेकर लौटी है। ऐसे में इस बात को समझा जा सकता है कि हरियाणा के समाज में एक लड़की होना और खेलों में कैरियर बनाना कितना मुश्किल काम है। साक्षी मलिक ने जाने अनजाने इस मुश्किल को महसूस तो किया ही होगा। हालांकि उनके रियो में पदक जीतने के बाद शायद ये चर्चा का विषय न रह जाए लेकिन इस लिहाज से ये कहा जा सकता है कि साक्षी का पदक, सिंधू के पदक की तुलना में कहीं अधिक कीमती है। 

देश के बड़े राज्य यूपी, बिहार और गुजरात का हाल भी अच्छा नहीं कहा जा सकता। यूपी में 912, बिहार में 918 तो गुजरात में सेक्स रेशियो 919 तक पहुंचा है। शायद यही वजह रही होगी कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी सेल्फी विथ डॉटर जैसे कैंपेन को इंडोर्स करना पड़ गया। ये जरूर है कि हालात के बेहतर होने की उम्मीद बंधी है लेकिन अब भी ये नहीं कहा जा सकता है कि हम सिंधू और साक्षी को कोख में नहीं मारेंगे। उम्मीद करेंगे कि आगे होने ओलंपिक खेलों में हम कुछ और सिंधु और साक्षी भेज पाएं।